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वायरलेस कीबोर्ड क्या है ? वायरलेस कीबोर्ड कैसे काम करता है ?

कभी-कभी डेस्क पर अपने कंप्यूटर मॉनीटर के पास बैठे रहना असहज हो सकता है। कई बार, आपके कंप्यूटर के पीछे इतने उलझे हुए तार हो सकते हैं कि आप उन्हें व्यवस्थित करने में अपना वक्त बर्बाद करते हैं। डेस्क मैनेजमेंट और उलझे तार का एक सरल समाधान एक वायरलेस कीबोर्ड और वायरलेस माउस हो सकता है।

वायरलेस कीबोर्ड क्या है ?

एक वायरलेस कीबोर्ड और एक सामान्य कंप्यूटर कीबोर्ड यह दोनों ही बहुत मिलते जुलते हैं। इनके बीच सिर्फ एक काफी बड़ा अंतर है और वह ये है की वायरलेस कीबोर्ड radio frequency (RF) technology रेडिओ फ्रीक्वेंसी टेक्नोलॉजी के माध्यम से टाइपिंग डेटा को कंप्यूटर में भेजता है। जैसे ही आप टाइप करते हैं, कीबोर्ड से सूचना का एक बीम एक (Nano Receivers) नैनो वायरलेस रिसीवर को भेजा जाता है, जिसे कंप्यूटर में प्लग किया जाता है। यह एक ताररहित अनुभव की अनुमति देता है कई उपभोक्ताओं के लिए वायरलेस कीबोर्ड के पूरक के लिए वायरलेस माउस खरीदना भी आम बात है। ऐसा होने पर, आपके डेस्क के पीछे तारो के जाल से कमसे कम दो तार अब हट जायँगे हैं।

वायरलेस कीबोर्ड को चलने के लिए बिजली या पावर कैसे मिलती है ?

एक वायरलेस कीबोर्ड एक बैटरी द्वारा संचालित होता है और एक रिसीवर को अपना सिग्नल भेजता है जो एक यूएसबी पोर्ट के माध्यम से पीसी से जुड़ा होता है।
वही दूसरी तरफ वायर्ड कीबोर्ड एक (serial port) सीरियल पोर्ट का उपयोग करके कनेक्ट होते हैं, या तो पारंपरिक (five-pin serial connection) पांच-पिन सीरियल कनेक्शन द्वारा या फिर (USB) यूएसबी केबल का उपयोग करके कीबोर्ड पावर प्राप्त करता है और उसी केबल के माध्यम से डाटा भी ट्रांसफर करता है।

Nano Receiver

कंप्यूटर को जानकारी कैसे मिलती है ?

वायरलेस कीबोर्ड एक रेडियो फ़्रीक्वेंसी (RF) रिसीवर, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, या फिर एक ब्लूटूथ एंटेना के माध्यम से जानकारी प्राप्त करता है। इसे नैनो वायरलेस रिसीवर भी कहते हैं। Microsoft Windows और Apple कंप्यूटर के प्रत्येक ऑपरेटिंग सिस्टम में वायरलेस तरीके से डाटा भेजे जाने और उस डाटा को समझने की योग्यता गए है।

नैनो वायरलेस रिसीवर क्या है और ये कैसे ब्लूटूथ या किसी अन्य USB रिसीवर से अलग है इसके बारे में जानने के लिए इस ब्लॉग को पढे। नैनो रिसीवर बनाम ब्लूटूथ

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