Drone Choreography

Drone Choreography बिज़नेस , कला और टेक्नोलॉजी का मिश्रण

स्कॉटलैंड में क्रिसमस और नए साल के मौके पर ड्रोन शो का आयोजन किया गया । इस तीन दिवसीय आयोजन में  25 मील प्रति घंटा की रफ्तार से 500 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए सैकड़ों ड्रोनो को कोरियोग्राफ किया गया ।

इस प्रयोग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग ड्रोन की चाल को  कोरियोग्राफ करने के लिए किया गया। आइए जानते हैं ड्रोन कोरियोग्राफी क्या है? और इसका क्या उद्देश्य है?

अगर सीधे शब्दों में कहें तो एक साथ कई ड्रोनो को  एक बार में नियंत्रित कर  के उपयोग करना ड्रोन कोरियोग्राफी कहलाता है। 

कई देशों में  सरकार समय-समय पर इवेंट्स का आयोजन करवाती रहती है जैसे न्यू ईयर पर आतिशबाजी करवाना हो या किसी मैच या टूर्नामेंट के आयोजन पर रंगारंग कार्यक्रम करवाना।

पारंपरिक रूप से वहां पटाखों उपयोग किया जाता है लेकिन कुछ  विकसित देशों में अब पटाखों के साथ ड्रोन के उपयोग का भी प्रचलन बढ़ रहा है।  दिन प्रतिदिन टेक्नोलॉजी भी सस्ती हो रही है जिसके कारण  ड्रोन अब ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं। अतः ड्रोन का उपयोग अब सिर्फ कैमरा के लिए नहीं रह गया है। कई  इवेंट ऑर्गेनाइजर, फायर वर्क कंपनियां, इंटरटेनमेंट प्रोवाइडर कंपनियां और ड्रोन सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां इसका उपयोग काफी कलात्मक रूप से कर रही है।

ड्रोन कोरियोग्राफी करने के लिए कुछ  खास प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है जैसे Drone Dance Controller (DDC) जिसको चलाने के लिए ट्रेनिंग की आवश्यकता पड़ती है।यह सॉफ्टवेयर एक बार में एक कंप्यूटर से लगभग 100  ड्रोनो  को  नियंत्रित कर सकता है। 3D में ड्रोन के एनिमेशन की कोरियोग्राफी पहले प्लॉट की जाती है उसके बाद सिमुलेशन करने के बाद ही ड्रोन पर उसका ट्रायल किया जाता है।

आने वाले समय में ड्रोन कोरियोग्राफी काफी प्रचलित होने वाली है । हो सकता है कि हम कुछ वर्षों में भारत में भी किसी इवेंट में ड्रोन कोरियोग्राफी का प्रदर्शन देखे।

ड्रोन कोरियोग्राफी खुद में एक बहुत विस्तृत फील्ड है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर , प्रोग्राम और 3d एनिमेटर की आवश्यकता  होती है। खास प्रकार के सॉफ्टवेयर्स का भी उपयोग किया जाता है और मार्केट में वे काफी महंगे मिलते हैं । किसी सस्ते या ओपन सोर्स सलूशन ना होने के कारण यह एक नया बाजार भी है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत विश्व का सबसे बड़ा आईटी इंडस्ट्री में से एक है। अतः भारत को भी इस फील्ड में अपनी भागीदारी जताते हुए कुछ नए और क्रिएटिव सलूशन के साथ विश्व में अपना वर्चस्व दिखाना चाहिए।

फोटोग्राफी, प्रोग्रामिंग और एनिमेशन के शौक रखने वाले भारतीय युवा भी इस विषय में अपनी रिसर्च कर सकते हैं और कुछ नया बना सकते है। स्टार्टअप के लिए यह एक बेहतरीन आईडिया है।

 आइए देखते हैं कि यह कहां-कहां उपयोग हो सकता है

  •  नीत-प्रतिदिन कंपनियां अपने ब्रांड के प्रचार के लिए तरह-तरह के  कलात्मक प्रयोग करती रहती हैं अगर भविष्य में हम किसी ब्रांड के logo का प्रचार एक ड्रोन के झुंड से देखें तो हमें आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए।
  •  किसी स्टेज शो या फिल्म फेयर अवार्ड  इत्यादि के फंक्शन में  ड्रोन का उपयोग हो सकता है।
  •  आईपीएल या आईसीसी के टूर्नामेंट में भी इसका उपयोग किया जा सकता है
  •  पिछले साल दिल्ली सरकार ने भी  लेजर शो का आयोजन किया था,  अगर टेक्नोलॉजी सकती हो तो वह ड्रोन का उपयोग भी कर सकते हैं।
  • कल्पना कीजिए कि अर्थ आवर सेलिब्रेशन के दौरान जब हम पूरे शहर की बत्तियां बुझा देते हैं उस समय एकाएक एक ड्रोन का झुंड आकर आसमान में तरह-तरह की आकृतियां बनाने लगे। कितना सुखद अनुभव होगा।
video source : https://www.bbc.com/news/

Article by : Mohit Manna

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